बदायूं जनपद की धरती पर 1998 में स्थापित समग्र विकास संस्थान (एसवीएस) एक ऐसा संगठन है, जो समाज के सबसे वंचित और हाशिए पर खड़े बच्चों, महिलाओं और समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। संस्था की नींव इस विश्वास पर रखी गई थी कि "लोगों को स्वयं की मदद करने में मदद करना" ही सच्चा विकास है।
एसवीएस की यात्रा की शुरुआत उन जमीनी सच्चाइयों से हुई, जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की मूलभूत ज़रूरतें आज भी एक सपना बनी हुई हैं। इसी संकल्प के साथ हमने बदायूं ज़िले के ग्रामीण अंचलों में बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के लिए काम करना शुरू किया।
वर्तमान में हम “क्राई” के सहयोग से बदायूं जनपद के उझानी, उसावां और जगत ब्लॉक के 22 गाँवों में सक्रिय हैं। इसके साथ ही “जिव दया फाउंडेशन” के सहयोग से हम पोषण और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सेवाएं दे रहे हैं।
हम एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, जहाँ धर्म, जाति, लिंग या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव न हो। समानता, करुणा, नवाचार और पारदर्शिता हमारे मूल मूल्य हैं। हम लोगों को संगठित करके उन्हें उनके अधिकारों के लिए जागरूक और सशक्त बनाते हैं।
समग्र विकास संस्थान की कहानी केवल एक संगठन की नहीं, बल्कि उन हजारों उम्मीदों की कहानी है जो शिक्षा, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की आशा लिए हमारे साथ खड़ी हैं।